Friday, December 9, 2022
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Chaitra Navratri 2022 : अपनी राशि के अनुसार करें मां दुर्गा की पूजा, इन मंत्रों का करें जप, चढ़ाएं ये पुष्प

चैत्र नवरात्रि 2022 Chaitra Navratri 2022: हिंदुओं के नववर्ष की शुरुआत चैत्र माह के प्रतिपदा तिथि से होती है। प्रतिपदा तिथि से नवमीं तिथि यानी नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना करते हैं। साथ ही भक्त दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भक्तों को अपनी राशि के अनुसार मां दुर्गा की आराधना नौ दिनों तक करनी चाहिए। आइये नवरात्रि के दौरान राशि के अनुसार पूजन कैसे करें, इसके बारे मे बताते हैं।

राशि के अनुसार पूजन, मंत्र जप (चैत्र नवरात्रि 2022 Chaitra Navratri 2022)

 मेष भगवान शिव की आराधना करने के साथ ॐ अं अंगारकाय नम: मंत्र का जप करें।

वृषभ भगवान गणेश की करते हुए ॐ गं गणपतये नम: का जप करें।

मिथुन – भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की आराधना करते हुए श्रीसूक्तम का पाठ करें।

कर्क – भगवान शिव और भगवान गणेश की आराधना करते हुए ॐ नम: शिवाय और श्रीगणेश चालीसा का पाठ करें।

सिंह – भगवान सूर्य की पूजा करते हुए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

कन्या – मां दुर्गा की आराधना करते हुए श्रीदुर्गा चालीसा का पाठ करें।

तुला – रामरक्षा स्तोत्र, ध्यायेदाजानुबाहुं ध्रुतशरधनुषं बदधपद्मासनस्तं, पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्, वामाङ्कारुढसीता मुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं,  नानालङ्कारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डनं रामचन्द्रम्,  का पाठ करें।

वृश्चिक – ॐ नम: शिवाय का जप करें।

धनु – गुरु चरित्र का पाठ करें।

मकर – गायत्री मंत्र ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् का जप करें।

कुंभ – भगवान श्रीराम और श्री हनुमान की पूजा करते हुए सुंदरकांड का पाठ करें।

मीन –  भगवान विष्णु की पूजा करते हुए ॐ विष्णवे नम: या ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करें।

 

अपनी राशि के आधार पर मां दुर्गा के इन रूपों की पूजा करें (चैत्र नवरात्रि 2022 Chaitra Navratri 2022)

मेष – इस राशि के जातकों को स्कंद माता की विशेष पूजा करनी चाहिए।

वृषभ इस राशि के जातक महागौरी स्वरूप की पूजा करें।

मिथुन – इस राशि के जातक मां ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा करें।

कर्क – इस राशि के लोग माता शैलपुत्री की पूजा करें।

सिंह इन्हें मां कूष्मांडा की पूजा करनी चाहिए।

कन्या इस राशि वाले मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें।

तुला – तुला राशि के लोग देवी महागौरी की पूजा करें।

वृश्चिक – इस राशि वाले स्कंदमाता की पूजा करें।

धनु धनु राशि वाले मां चंद्रघंटा की पूजा करें।

मकर – मां कालरात्रि की पूजा करें।

कुंभ – ये सिद्धिदात्री की उपासना करें।

मीन – मीन राशि वालों को मां चंद्रघंटा की पूजा करनी चाहिए।

 

इन फूलों के साथ करें पूजन (चैत्र नवरात्रि 2022 Chaitra Navratri 2022)

 

मेष – मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। इन राशि के जातकों को लाल रंग के पुष्प मां दुर्गा पर अर्पित करने चाहिए, इनमें, गुड़हल, गुलाब, लाल कनेर, लाल कमल अथवा किसी भी तरह के लाल पुष्प हों। इससे पूजा करके मां दुर्गा को प्रसन्न कर मंगल जनित दोषों के कुप्रभाव से बचा जा सकता है।

वृषभ – वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। मां दुर्गा पर श्वेत कमल, गुडहल, श्वेत कनेर, सदाबहार, बेला, हरसिंगार आदि जितने भी श्वेत प्रजाति के पुष्प हैं, उनसे मां की आराधना कर प्रसन्न किया जा सकता है। ।

मिथुन – मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। मां दुर्गा की पूजा पीले कनेर, गुडहल, द्रोणपुष्पी, गेंदा और केवड़ा पुष्प से करनी चाहिए। इससे अभीष्ट कार्य सिद्ध भी कर सकते हैं।

कर्क – कर्क के स्वामी चंद्र हैं । इस राशि के जातकों को श्वेत कमल, श्वेत कनेर, गेंदा, गुडहल, सदाबहार, चमेली रातरानी के अलावा अन्य श्वेत और गुलाबी पुष्प से मां दुर्गा की आराधना करें। इससे चन्द्रजनित दोषों से मुक्ति मिलती है।

सिंह – सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं।  इस राशि के लोग कमल, गुलाब, कनेर, गुड़हल से मां की पूजा करके कृपा पा सकते हैं। गुड़हल का पुष्प सूर्य और मां दुर्गा को अति प्रिय है।

कन्या – कन्या राशि के स्वामी बुध ही हैं। गुड़हल, गुलाब, गेंदा, हरसिंगार एवं किसी भी तरह के अति सुगंधित पुष्पों से मां दुर्गा की आराधना करें। इस तरह पूजा कर अपने मनोरथ पूर्ण करके बुध के साथ-साथ अन्य ग्रहों की अनुकूलता भी पा सकते हैं।

तुला – तुला राशि के स्वामी भी शुक्र हैं। कनेर, गेंदा, गुड़हल, जूही, श्वेत कमल, हरसिंगार, सदाबहार, आदि पुष्पों से मां भगवती की आराधना करके उनकी अनुकूलता और शुक्र की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

वृश्चिक – इस राशि के स्वामी मंगल हैं। इस राशि के जातक लाल, पीले, गुलाबी फूल से पूजा करके मां दुर्गा को प्रसन्न करें। साथ ही मंगल की कृपा भी प्राप्त होगी।

धनु – इस राशि के स्वामी वृहस्पति हैं। गुलाब, गेंदा, केवडा, कमल, कनेर, गुड़हल और कनेर के फूलों से मां का पूजन करें। इस तरह पूजा कर बृहस्पति की भी कृपा प्राप्त होगी।

मकर – मकर राशि के स्वामी शनि हैं। इस राशि के लोग किसी भी तरह के नीले फूल, कमल, गेंदा, गुलाब, गुड़हल आदि से मां भगवती की पूजा करें। इससे शनि का प्रभाव कम होता है।

कुंभ – कुंभ राशि के स्वामी भी शनि हैं। इसलिए इस राशि के लोगों को नीले पुष्प, गेंदा, सभी प्रकार के कमल, गुड़हल, बेला, चमेली मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए।

मीन – मीन राशि के स्वामी वृहस्पति हैं। पीले कनेर, कमल, गेंदा, गुलाब, गुड़हल फूलों से मां दुर्गा की पूजा अर्चना करें।

 

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मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के मंत्र (चैत्र नवरात्रि 2022 Chaitra Navratri 2022)

नवरात्र में देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने से भक्तों के कष्ट कम होते हैं। आइये जानते हैं माता के नौ स्वरूप और उनके विशेष मंत्रों के बारे में। इन मंत्रों का जाप श्रद्धालुओं को पूजा करते समय करना चाहिए।

देवी शैलपुत्री (Maa Shailputri)

वन्दे वांछितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम।

वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशंस्विनिम।।

 

देवी ब्रह्मचारिणी (Maa Brahmacharini)

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

 

देवी चंद्रघंटा (Maa Chandraghanta)

पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।

प्रसादं तनुते महयं चंद्रघण्टेति विश्रुता।।

 

देवी कूष्माण्डा (Maa Kushmanda)

सुरासम्पूर्णकलशं रूधिराप्लुतमेव च।

दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तुमे।।

 

देवी स्कन्दमाता (Maa Skandmata)

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।

 

देवी कात्यायनी (Maa Katyayani)

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शाईलवरवाहना।

कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।

 

देवी कालरात्रि (Maa Kaalratri)

एक वेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकणी तैलाभ्यक्तशरीरणी।।

वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा।

वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयड्करी।।

 

देवी महागौरी (Maa Mahagauri)

श्वेते वृषे समरूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।

 

देवी सिद्धिदात्री (Maa Ssddhidatri)

सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।

सेव्यामाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

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