Friday, October 22, 2021
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मध्य प्रदेश | विधानसभा में 16 मार्च को होगा विश्वास मत के लिए मतदान, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को भेजा पत्र

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 16 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करने कहा है. शनिवार की आधी रात को राजभवन से इसे लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया. राजभवन से सीएम को जारी किए गए पत्र के मुताबिक राज्यपाल श्री टंडन ने सीएम को कहा कि मध्य प्रदेश की हाल की घटनाओं से उन्हें प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि उनकी सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है और ये सरकार अब अल्पमत में है. राज्यपाल ने कहा है कि ये स्थिति अत्यंत गंभीर है.

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अभिभाषण के बाद विश्वास मत पर होगा मतदान

राज्यपाल (Governer) श्री टंडन ने अपने पत्र में लिखा है, मुझे जानकारी मिली है कि 22 विधायकों ने मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. उन्होंने मीडिया को भी इसकी जानकारी दी है. मैंने इस बावत मीडिया कवरेज को भी देखा है. राज्यपाल श्री टंडन ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 174 और 175 (2) में वर्णित संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए वे निर्देश देते हैं कि एमपी की विधानसभा का सत्र 16 मार्च को उनके अभिभाषण के साथ शुरू होगा. राज्यपाल श्री टंडन ने कहा है कि उनके अभिभाषण के तत्काल बाद सदन में जो एकमात्र काम होगा वह विश्वास मत पर मतदान होगा.

Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon: Floor test in #MadhyaPradesh Assembly to be held on March 16. pic.twitter.com/OFDsnLkSt8

— ANI (@ANI) March 14, 2020

 

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बीजेपी नेताओं ने की थी राज्यपाल से मुलाकात

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने आगामी विधानसभा सत्र में सबसे पहले फ्लोर टेस्ट करवाने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार (Govrnment) पूरी तरह विश्वास मत खो चुकी है, इसलिए इसे बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, मुख्य सचेतक डॉ नरोत्तम मिश्रा, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और रामपाल सिंह शामिल थे.

 यह था मामला

राज्य में एक सप्ताह से सियासी हलचल चल रही है. कांग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए. वहीं 22 विधायकों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इनमें से मंत्री रहे 6 विधायकों का इस्तीफा विधानसभाध्यक्ष ने मंजूर कर लिया है. इन मंत्रियों ने 10 मार्च को इस्तीफे दिए थे. अध्यक्ष ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न तोमर, तुलसीराम सिलावट और इमरती देवी के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं.

 

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