Friday, August 5, 2022
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रूद्राक्ष महोत्सव स्थगित होने पर मप्र सरकार को विपक्ष ने घेरा, गृहमंत्री ने पं. मिश्रा से बात की

भोपाल. मध्यप्रदेश के भोपाल के पास सीहोर में चल रहा रुद्राक्ष महोत्सव स्थगित होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में प्रशासन की किरकिरी हो रही है। वहीं विपक्ष ने भी पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे लेकर ट्विट भी किया है।  इसे लेकर राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने व्यवस्था को लेकर कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा से बातचीत की। गौरतलब है कि सोमवार को कथा को स्थगित करने की घोषणा करने के दौरान कथावाचक बेहद भावुक होते हुए रो पड़े थे।

गौरतलब है कि चितावलिया हेमा गांव में बीते पखवाड़े भर से शिव महापुराण और रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियां चल रही थी। सोमवार की सुबह पं प्रदीप मिश्रा ने आयोजन की शुरुआत की। लोगों की भीड़ इतनी थी कि दोपहर होते तक भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे के दोनों ओर 25 किमी तक जाम लगा गया। पैदल चलने वाले भी ठीक से गुजर नहीं पा रहे थे।

सोमवार की दोपहर तक ही ढाई लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच गए थे।  इसके चलते अव्यवस्था की स्थिति को देख पं. प्रदीप मिश्रा भावुक गए और कहा कि ऊपर से बार-बार दबाव आ रहा है, इसलिए कथा को स्थगित कर रहा हूं। आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि ऑनलाइन माध्यम से ही कथा श्रवण करें।

गृहमंत्री ने पं. मिश्रा से बात की

इधर राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा से बात की। उन्होंने वीडियो कॉलिंग के जरिए बातचीत करतेहुए कहा कि – प्रणाम कर रहा हूं महाराज, निवेदन कर रहा था प्रशासन की कोई दिक्कत तो नहीं है। कोई बात होगी तो बताइएगा, कोई भी आवश्यकता हो। आपके आशीर्वाद से ही सरकार है महाराज। इसके उत्तर में पंडित मिश्रा ने कहा कि आज सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, अब कोई दिक्कत नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया यह ट्विट

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने ट्वीट कर सरकार को घेरा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्विट किया कि – महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या, शिवराज जी की सरकार, शिवराज जी का क्षेत्र और शिव ज्ञान की गंगा बहाने वाला ‘शिव महापुराण व रुद्राक्ष महोत्सव’ का 7 दिवसीय महाआयोजन दबाव डालकर पहले दिन ही स्थगित करा दिया गया, क्योंकि प्रशासन लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था संभालने में असफल साबित…? एक कथावाचक को आंखों में आंसू भरकर व्यासपीठ से इस सच्चाई को श्रद्धालुओं को बताना पड़े तो इससे शर्मनाक प्रदेश के लिए कुछ और हो नहीं हो सकता है… जो खुद को धर्मप्रेमी बताते हैं यह है, उनकी सरकार की हकीकत…. बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाराज, प्रदेश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ।

 

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