Sakat Chauth 2021 Sankashti Chaturthi : संकष्टी चतुर्थी या सकट चौथ व्रत के शुभ मुहूर्त, महत्व के बारे में जानें

Sakat Chauth 2021, Sankashti Chaturthi Vrat:  सकट चौथ या संकष्टी चतुर्थी व्रत  31 जनवरी को रखा जाएगा।  इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू धर्म में इस व्रत का बड़ा महत्व है। इसे तिलकुट चौथ, वक्रतुंडी चौथ और माघी चौथ के नाम से भी जाना जाता है। आइये जानते हैं Sakat Chauth 2021 के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस पर्व के महत्व के बारे में।

Sakat Chauth 2021

संकष्टी चतुर्थी व्रत का शुभ मुहूर्त (Sankashti Chaturthi Vrat Shubh Muhurat)

  • तिथि: रविवार, 31 जनवरी 2021
  • शुभ मुहूर्त : 31 जनवरी, 2021 रात 8.24 बजे से
  • चंद्र को अर्घ्य देने का शुभ समय: रात 8.40 बजे

संकष्टी चतुर्थी व्रत की पूजा विधि (Sankashti Chaturthi Vrat Puja Vidhi)

  • सुबह जल्दी उठकर दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर साफ कपड़े पहनें।
  • भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा या तस्वीर पर गंगाजल छिड़ककर पूजन करें।
  • श्री गणेश की प्रतिमा के पास जल कलश रखें।
  • भगवान गणेश को धूप-दीप, नैवेद्य, तिल, लड्डू, शकरकंद, अमरूद, गुड़ अर्पित करें।
  • पूजा करने के बाद भगवान श्री गणेश की आरती करें।
  • चंद्र को अर्घ्य देने के बाद व्रत पूरा करें।
  • व्रत तोड़ने के बाद महिलाओं का शकरकंद खाने की परंपरा भी है।

श्रीगणेश जी की आरती

  • जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
  • माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
  • एकदन्त दयावन्त,चार भुजाधारी।
  • माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी॥
  • पान चढ़े फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।
  • लड्डुअन का भोग लगे,सन्त करें सेवा॥
  • जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
  • माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
  • अँधे को आँख देत,कोढ़िन को काया।
  • बाँझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥
  • ‘सूर’ श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा।
  • माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
  • दीनन की लाज राखो,शम्भु सुतवारी।
  • कामना को पूर्ण करो,जग बलिहारी॥
  • जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
  • माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥

सकट चौथ का महत्व व मान्यताएं

  • इस व्रत को रखने वालों की संतान दीर्घायु होती है।
  • कुंडली के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
  • घर में सुख-समृद्धि व उन्नति होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *